Tuesday, 6 March 2012

ankita

शीर्षक विहीन कुछ कवितायें

माँ की
लोरियाँ सुनकर
जब तक बच्चों को सोना होगा
चाँद
तब तक तुम्हें
आसमान में होना होगा


सामाजिक मर्यादाओं को
तोड़ने की कतार में
अखबार भी शामिल हुआ

इस दशक की
सबसे बड़ी उपलब्धि यही है
कि अखबार सब जगह हो गए
समाचार कहीं नहीं रहा


एक चिड़िया
बच्चों को सुना रही है कहानी
जबकि होना यह था
कि कोई बच्चों को सुनाये
चिड़िया कि कहानी

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